अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Up to date Mon, 31 Aug 2020 05:51 AM IST

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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का कार्य तेजी से चल रहा है। इस बीच केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य दिसंबर 2020 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद लोगों को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। उन्होंने लिखा कि प्रगति का हाईवे सुगम यातायात के साथ प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। 

 82.05 किलोमीटर के इस एक्सप्रेस-वे के दूसरे और चौथे चरण का काम अभी पूरा होना है। जबकि पहले चरण में सराय काले खां से यूपी गेट और तीसरे चरण में डासना से हापुड़ के बीच का काम पूरा हो चुका है। उधर, एनएचएआई की तरफ से भी कहा गया है कि दोनों चरण का काम पूरा करने की समय सीमा दिसंबर है। इसके लिए आने वाले दिनों में कार्य की रफ्तार बढ़ा दी जाएगी। 

  केंद्रीय मंत्री ने रविवार रात करीब आठ बजे दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे के पहले चरण का वीडियो अपने ट्विटर एकाउंट पर अपलोड कर जानकारी दी कि प्रगति का हाईवे दिसंबर में तैयार होगा। उसके बाद इसे आम यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। अब एक्सप्रेस-वे दो चरणों को काम पूरा होना है। दूसरे चरण में यूपी गेट से डासना के बीच 19.20 किलोमीटर 14 लेन एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 

अभी तक 75 फीसदी काम पूर हो चुका है। अलीगढ़ रेल लाइन पर आरओबी का निर्माण कार्य जारी है, जिसके दिसंबर तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। एनएचएआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसी आरओबी को लेकर है। अगर इसका काम समय पर पूरा हो जाता है तो दूसरे चरण का काम पूर कर लिया जाएगा। इसके बाद चौथे चरण में डासना से मेरठ के बीच 32 किलोमीटर का छह लेन एक्सप्रेस-वे तैयार होना है। 

इस चरण में भी भोजपुर से डासना के बीच का काम समय पर पूरा करने की चुनौती है। डासना में हापुड़ रोड और मुरादाबाद रेल लाइन पर बनाई जा रहे पुल के ऊपर गार्डर लांच करने का काम जारी है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मुदित गर्ग का कहना है कि हमारी पूरी कोशिश दिसंबर तक प्रोजेक्ट पूरा करने की है। 

अब एनएचएआई के सामने बड़ी चुनौती 
एनएचएआई के पास अब 120 दिन (चार महीने) में काम पूरा करने की चुनौती है। हालांकि पहले से मंत्रालय ने प्रोजेक्ट पूरा करने की डेडलाइन दिसंबर ही दे रखी थी लेकिन अब केंद्रीय मंत्री के ट्वीट के बाद एनएचएआई के सामने चुनौती बढ़ गई है। कोरोना संक्रमण और कुछ जगहों पर किसानों के विरोध के बीच प्रोजेक्ट समय पर करना आसान नहीं है। 

दूसरे चरण में महरौली में चल रहा विवाद 
महरौली गांव के किसान भी आरोप लगा रहा है कि एक्सप्रेस-वे निर्माण में उनकी निजी जमीन भी ले ली गई है। इसको लेकर बीते दिनों किसानों ने प्रदर्शन भी किया था। उसके बाद प्रशासन की तरफ से तीन विभाग की कमेटी गठित की गई थी। अब कमेटी ने जमीन की पैमाइश कर ली है। एक-दो दिन में कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उसके बाद तय होगा कि प्रोजेक्ट के काम किस दिशा में चलेगा।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का कार्य तेजी से चल रहा है। इस बीच केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य दिसंबर 2020 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद लोगों को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। उन्होंने लिखा कि प्रगति का हाईवे सुगम यातायात के साथ प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। 

 82.05 किलोमीटर के इस एक्सप्रेस-वे के दूसरे और चौथे चरण का काम अभी पूरा होना है। जबकि पहले चरण में सराय काले खां से यूपी गेट और तीसरे चरण में डासना से हापुड़ के बीच का काम पूरा हो चुका है। उधर, एनएचएआई की तरफ से भी कहा गया है कि दोनों चरण का काम पूरा करने की समय सीमा दिसंबर है। इसके लिए आने वाले दिनों में कार्य की रफ्तार बढ़ा दी जाएगी। 

  केंद्रीय मंत्री ने रविवार रात करीब आठ बजे दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे के पहले चरण का वीडियो अपने ट्विटर एकाउंट पर अपलोड कर जानकारी दी कि प्रगति का हाईवे दिसंबर में तैयार होगा। उसके बाद इसे आम यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। अब एक्सप्रेस-वे दो चरणों को काम पूरा होना है। दूसरे चरण में यूपी गेट से डासना के बीच 19.20 किलोमीटर 14 लेन एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 

अभी तक 75 फीसदी काम पूर हो चुका है। अलीगढ़ रेल लाइन पर आरओबी का निर्माण कार्य जारी है, जिसके दिसंबर तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। एनएचएआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसी आरओबी को लेकर है। अगर इसका काम समय पर पूरा हो जाता है तो दूसरे चरण का काम पूर कर लिया जाएगा। इसके बाद चौथे चरण में डासना से मेरठ के बीच 32 किलोमीटर का छह लेन एक्सप्रेस-वे तैयार होना है। 

इस चरण में भी भोजपुर से डासना के बीच का काम समय पर पूरा करने की चुनौती है। डासना में हापुड़ रोड और मुरादाबाद रेल लाइन पर बनाई जा रहे पुल के ऊपर गार्डर लांच करने का काम जारी है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मुदित गर्ग का कहना है कि हमारी पूरी कोशिश दिसंबर तक प्रोजेक्ट पूरा करने की है। 

अब एनएचएआई के सामने बड़ी चुनौती 
एनएचएआई के पास अब 120 दिन (चार महीने) में काम पूरा करने की चुनौती है। हालांकि पहले से मंत्रालय ने प्रोजेक्ट पूरा करने की डेडलाइन दिसंबर ही दे रखी थी लेकिन अब केंद्रीय मंत्री के ट्वीट के बाद एनएचएआई के सामने चुनौती बढ़ गई है। कोरोना संक्रमण और कुछ जगहों पर किसानों के विरोध के बीच प्रोजेक्ट समय पर करना आसान नहीं है। 

दूसरे चरण में महरौली में चल रहा विवाद 
महरौली गांव के किसान भी आरोप लगा रहा है कि एक्सप्रेस-वे निर्माण में उनकी निजी जमीन भी ले ली गई है। इसको लेकर बीते दिनों किसानों ने प्रदर्शन भी किया था। उसके बाद प्रशासन की तरफ से तीन विभाग की कमेटी गठित की गई थी। अब कमेटी ने जमीन की पैमाइश कर ली है। एक-दो दिन में कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उसके बाद तय होगा कि प्रोजेक्ट के काम किस दिशा में चलेगा।



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